नशे के आदि होने के कारण

मादक द्रव्यों के बढ़ते हुए प्रचलन के लिए आधुनिक सभ्यताओं को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसमें व्यक्ति यांत्रिक जीवन व्यतीत करता हुआ भीड़ में इस कदर खो गया है कि उसे अपने परिवार के लोगों का भी ध्यान नहीं रहता है। नशा एक अभिशाप है, एक ऐसी बुराई जिससे इंसान का अनमोल जीवन मौत के आगोश में चला जाता है एवं उसका परिवार बिखर जाता है। व्यक्ति के नशे के आदि होने के कई कारण हो सकते हैं। यह कारण व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक हो सकते हैं, जिनमें से कुछ मुख्य कारण अधोलिखित हैं।
➧ माता-पिता की अति व्यस्तता बच्चों में अकेलापन भर देती है। माता-पिता के प्यार से वंचित होने पर वह नशा की ओर मुड़ जाता है। परिवार में कलह का वातावरण व्यक्ति को नशे की ओर ढकेल देता है।
➧ मानसिक रूप से परेशान रहने के कारण व्यक्ति नशे की आदत डाल लेता है, यह मानसिक परेशानी पारिवारिक, आर्थिक एवं सामाजिक हो सकती है।
➧बेरोजगारी नशा की ओर उन्मुख होने का एक प्रमुख कारण है। खाली दिमाग शैतान का घर होता है। दिनभर घर में खाली एवं बेरोजगार बैठे रहने से व्यक्ति हीनभावना एवं ऊब का शिकार होता है एवं इस हीनभावना व ऊब को मिटाने के लिए वह नशे का सहारा लेने लगता है।
➧ शारीरिक कमजोरी व पढ़ने में कमजोर होने के कारण बच्चे उस कमी को पूरा करने के लिए नशे का सहारा लेने लगते हैं।
➧जो व्यक्ति तनाव, अवसाद एवं मानसिक बीमारी से पीड़ित है वो नशे का आदि हो जाता है।
➧परिवार के व्यक्ति, दोस्त एवं अपने आदर्श व्यक्ति को नशा लेते देखकर युवा नशे का शिकार होते हैं।
➧अकेलापन नशे को निमंत्रित करता है।
➧लोग ये सोच कर नशा लेते हैं कि नशा तनाव को दूर करता है।
➧किसी दूसरे की दवा को स्वयं पर आजमाने से व्यक्ति नशे का आदि हो जाता है। चोट या दर्द की वजह से डॉक्टर दवा लिखता है, जिससे आराम मिलता है। जब भी चोट लगती है या दर्द होता है वो वह दवा बार-बार लेने लगता है जिससे वह नशे का आदि हो जाता है।
➧पुरानी दुखद घटनाओं को भूलने के लिए लोग नशे का सहारा लेते हैं।
➧लोग सोचते हैं की ड्रग्स लेने से वह फिट एवं तंदुरूस्त रहेंगे विशेष कर खिलाड़ी, इसी कारण मादक द्रव्यों की चपेट में आ जाते हैं।
➧ बच्चों में अत्यंत भेदभाव करने पर वो हीनभावना से ग्रसित हो जाते है एवं विद्रोह स्वरूप नशे की ओर मुड़ जाते हैं।
➧पत्र-पत्रिकाओं एवं टेलीविजन पर तम्बाकू एवं शराब के विज्ञापनों से प्रभावित होकर बच्चे एवं युवा इनका प्रयोग शुरू कर देते हैं।

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